भूकंप से घर को सुरक्षित करने के लिए वास्तु के इन नियमों का अवश्य करें पालन
म्यांमार और थाईलैंड में साल 2025 का सबसे बड़ा भूंकप आया है और इस भूकंप को देखकर लोगों के मन में सवाल आया है कि अगर ऐसा भूकंप भारत में आ जाए तो क्या होगा. ऐसा तो सोचकर भी डर लगता है लेकिन इस डर से आगे बढ़कर अभी से वास्तु शास्त्र के कुछ नियमों का पालन अवश्य करें. इन नियमों के तहत भूकंप से ना केवल आपका घर सुरक्षित रहेगा बल्कि आप घर की सुरक्षा को लेकर भी चिंतामुक्त रहेंगे. साथ ही परिवार में सुख-शांति और समृद्धि भी बन रहेगी. वास्तु हमेशा से ही भारतीय प्राचीन पद्धति का हिस्सा रहा है, ऐसे में आप अपनी सुविधानुसार वास्तु के नियमों का पालन कर सकते हैं. आइए जानते हैं भूकंप से घर को बचाने के वास्तु नियम…
घर की दिवारों का रखें ध्यान
वास्तु के अनुसार, जिस जमीन पर मकान बनवा रहे हों तो देखें कि कहीं जिस जमीन टेढ़ी-मेढ़ी आकार की तो नहीं है. मकान की दीवारे बराबर दिशा में होनी चाहिए और कहीं से भी दिवारे टेढ़ी-मेढ़ी ना हों. दीवारे अगर बराबर और एक सीध में ना हों तो भूकंप में मकान को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है.
नींव की मिट्टी ना हो ऐसी
घर बनवा रहे हैं तो सबसे पहले मिट्टी की जांच जरूर करवाएं, आजकल मिट्टी की जांच करवाना बिल्कुल ही खत्म हो गया है. वास्तु के अनुसार, जिस जमीन पर मकान बना रहे हों, तो देखें वहां की जमीन ना तो ज्यादा कड़ी हो और ना ही मुलायम. अगर आप इन चीजों का ध्यान रखेंगे तो नींव में दरार नहीं पड़ेगी और भूकंप से घर सुरक्षित रहेगा.
घर की नींव में डालें ये चीजें
वास्तु में बताया गया है कि घर की नींव में हल्दी की गांठें, चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा, कलश, जनेऊ, सिक्के, फल, तुलसी और पान के पत्ते, लोहे की कीलें, पंचरत्न, गुड़, शहद, नारियल, गाय का गोबर, गंगाजल जैसी चीजें डालेंगे तो नींव काफी मजबूत होगी. साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहेगा और सभी तरह के वास्तु दोष भी दूर होंगे.
खिड़की व दरवाजों का रखें ध्यान
घर अगर बनवा रहे हैं तो ध्यान रखें वह नीचे से पतला और ऊपर से चौड़ा नहीं होना चाहिए. यहां पर आप गुरुत्वाकर्षण के नियमों का पालन अवश्य करें और इस नियम के तहत निचला हिस्सा भारी होना चाहिए. साथ ही ध्यान रखें कि खिड़की व दरवाजे की कोनो से दूरी बराबर हो.
जीवन प्रकृति पर आधारित,राज्य में वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास-मंत्री केदार कश्यप
प्रतियोगी परीक्षओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा नालंदा परिसर युवाओं को
प्रदेश में गौवंश संरक्षण के लिए बजट और नीतियों में बड़े बदलाव : मंत्री पटेल
संघर्ष से सुकून तक: नल-जल योजना से बदली राधाबाई की जिंदगी
गरियाबंद: प्रकृति, आस्था और रोमांच का जीवंत अनुभव
“किशोरी से मातृत्व तक" महिलाओं के हर चरण में स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगा शक्ति केंद्र : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध विरासत से परिचित कराना और प्रदेश के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मोदी का रिकॉर्ड: भारत के सबसे लंबे समय तक चलने वाले नेतृत्व की उपलब्धि
प्रकृति की गोद में रोमांच- मोहरेंगा नेचर सफारी
हथियार छोड़ शिक्षा की राह पर बढ़ रहे पुनर्वासित युवा, उल्लास महापरीक्षा में 28 युवा हुए शामिल