टाटा का निधन समाज की अपूरणीय क्षति
वाराणसी । महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र एवं होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल, वाराणसी द्वारा बुधवार को देश के दिग्गज उद्योगपति, समाजसेवी, पदम् विभूषण श्री नवल रतन टाटा जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। इस दौरान दोनों ही अस्पतालों में कर्मचारियों द्वारा दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गयी। अस्पताल के निदेशक डॉ सत्यजीत प्रधान नें कहा की रतन टाटा जी के निधन की खबर सुनकर हम सब हतप्रभ हैं। वह न केवल एक कुशल उद्योगपति थे, बल्कि मानवता की सेवा के लिए हमेशा तैयार रहने वाले जनहितैषी व्यक्ति थे। होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र के निर्माण में टाटा ट्रस्ट द्वारा सी एस आर के तहत की गई मदद के लिए अस्पताल प्रशासन सदैव उनका आभारी रहेगा। रतन टाटा जी का जाना समाज की अपूरणीय क्षति है। टाटा के सहयोग से स्थापित दोनों कैंसर अस्पतालों में उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, झारखण्ड, छत्तीसगढ़ एवं बिहार के लाखों मरीजों का इलाज हो रहा है। वाराणसी में इन दोनों अस्पतालों के स्तापित हो जाने सेइन प्रदेशों के कैंसर के मरीजों का कैंसर संस्थान भाभा, मुंबई का जाना बंद हो गया।
ज्ञातव्य है कि (बुद्धवार ) 9 अक्टूबर, 2024 को 86 वर्ष की उम्र में मुंबई के एक निजी अस्पताल में रतन टाटा का निधन हो गया था।टाटा के निधन पर बी एच यू के प्रोफ. एस के भारतीय, प्रो. लक्ष्मण सिंह, प्रोफ. बी राम, प्रोफ. राजेश कुमार,प्रोफ. जे पी सिंह इत्यादि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों नें शोक व्यक्त किया है और कहा कि राष्ट्र के निर्माण में रतन टाटा जी का अमूल्य योगदान है ।
पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र(बी एच यू ), वाराणसी की स्थापना के अवसर रतन टाटा वाराणसी आये थे।उस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उत्तरप्रदेश के राज्यपाल रामनाइक तथा सी एम योगी आदित्य नाथ भी उपस्थित थे।
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