स्पीकर ऑफिस के पास घुसा संदिग्ध, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
नई दिल्ली। विधानसभा में वीवीआईपी गेट को तोड़कर अंदर दाखिल होने के मामले ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। इसे विधानसभा की सुरक्षा में भारी चूक माना जा रहा है। वारदात के बाद आनन-फानन विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है। खुद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी देर रात तक विधानसभा में मौजूद रहे। सूत्रों का कहना है कि जिस तरह आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया, उसे देखकर ऐसा लगता है कि आरोपी ने बेहद सुनियोजित तरीके से रेकी कर वारदात को अंजाम दिया। दरअसल जिस समय आरोपी विधानसभा के अंदर दाखिल हुआ उस समय विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। दावा किया जा रहा है कि आरोपी को इस बात का अच्छी तरह इल्म था कि विजेंद्र गुप्ता अंदर अपने कमरे में मौजूद हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी कार लेकर अंदर पोर्च के पास पहुंचा। उसने विधानसभा अध्यक्ष की कार का दरवाजा भी खोलने का प्रयास किया। दरवाजा नहीं खुला तो उसने पोर्च के पास एक फुव्वारे के किनारे गुलदस्ता रख दिया। इसके बाद वह माला रखकर वापस अपनी कार में आया और उसने बेहद खतरनाक तरीके से कार दौड़ा दी। वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उसको रोकने का प्रयास किया तो उसने उन पर कार चढ़ाने का भी प्रयास किया। इसके बाद आरोपी मौके से भागने में कामयाब हो गया। आरोपी के जाने के बाद तमाम वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया।
विधानसभा में रहता है तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा
दिल्ली विधानसभा में अमूमन सत्र चलने के समय सुरक्षा व्यवस्था बेहद टाइट होती है, लेकिन सत्र न भी चलने पर यहां तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा रहता है। बाहर मेन गेटों पर दिल्ली पुलिस के जवान 24 घंटे तैनात रहते हैं। इसके अलावा अर्द्धसैनिक बलों को जवान भी यहां 24 घंटे अंदरूनी हिस्सों में तैनात रहते हैं। इसके अलावा विधानसभा की अपनी भी सिक्योरिटी का घेरा यहां पर रहता है। ऐसे में सुरक्षा घेरे को तोड़कर अंदर दाखिल होना आसान नहीं है। अब दिल्ली पुलिस आयुक्त ने इस पूरी घटना की जांच के आदेश दिए हैं। इस बात का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था में कैसे चूक हुई। आरोपी आसानी से अंदर कैसे दाखिल हो गया।
वीवीआईपी हाई सिक्योरिटी गेट तोड़कर विधानसभा परिसर में घुसी कार
दिल्ली विधानसभा के भीतर सोमवार दोपहर सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए यूपी नंबर की सफेद रंग की टाटा सिएरा कार वीवीआईपी गेट नंबर-2 को तोड़ते हुए विधानसभा परिसर में दाखिल हो गई। कार सवार आरोपी सरबजीत सिंह (37) ने पहले लोहे का गेट तोड़ा फिर बूम बैरियर को तोड़ते हुए विधानसभा परिसर में कार समेत दाखिल हो गया। सुरक्षा कर्मियों को जब तक कुछ समझ में आता तब तक आरोपी कार लेकर सीधा विधानसभा के पोर्च (स्वागत कक्ष) के पास विधानसभा अध्यक्ष के कमरे के नजदीक पहुंचा और एक फूलों का गुलदस्ता और पॉलीथिन में मालाएं रखकर भाग निकाला। विधानसभा की सुरक्षा की चूक की खबर मिलते ही राजधानी में अफरातफरी मच गई। आनन-फानन हाईअलर्ट जारी कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई।
पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा समेत तमाम वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भागे-भागे विधानसभा पहुंचे। हालांकि वारदात के चंद घंटों बाद 4.15 बजे आरोपी को उत्तरी दिल्ली के रूप नगर इलाके से दबोच लिया गया। उसके साथ कार में दो अन्य लोग मौजूद थे। आरोपियों को थाने लाकर पूछताछ की गई। शुरुआती जांच में आरोपी की पहचान पूरनपुर, पीलीभीत, यूपी निवासी सरबजीत सिंह (37) के रूप में हुई है। आरोपी अपने किसी कजिन की तलाश में पीलीभीत से गांव के दो लोग (टैक्सी चालकों) के साथ सोमवार को दिल्ली आया था। वारदात के समय सरबजीत कार में अकेला था। स्थानीय पुलिस कर्मियों के अलावा क्राइम ब्रांच, स्पेशल सेल और तमाम खुफिया एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर रही हैं। एक टीम पीलीभीत भी रवाना कर दी गई है। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि आरोपी डिप्रेशन का शिकार है। उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है, उसका इलाज भी चल रहा है। वारदात में सरबजीत के साथ मौजूद लोगों का क्या रोल है और वह उसके साथ दिल्ली क्यों आए थे, इसका पता लगाया जा रहा है। उसकी कार की भी तलाशी ली जा रही है।
हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मामला किया दर्ज
उतरी जिला पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया ने बताया कि आरोपी ने विधानसभा परिसर में जबरन दाखिल होने के बाद बेहद खतरनाक तरीके से कार चलाकर ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों को कुचलने का प्रयास किया। सिविल लाइंस थाने में हत्या के प्रयास, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सरकारी कर्मचारी के खिलाफ आपराधिक बल प्रयोग, सरकारी काम में बाधा डालना समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।
वारदात के बाद राजधानी में जारी कर दिया गया हाई अलर्ट
विधानसभा की सुरक्षा में हुई भारी चूक के बाद फौरन राजधानी में हाईअलर्ट जारी कर दिया गया। पूरी राजधानी में तमाम बॉर्डर पर वाहनों की सघन तलाशी शुरू कर दी गई। इस बीच आरोपी कुछ ही देर बाद रूप नगर की एक पिकेट पर पहुंचा तो कार की घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया। कार में उसके साथ दो और लोग मौजूद थे। तीनों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा विधानसभा पहुंचे। उनके साथ कई विशेष आयुक्त भी मौजूद थे। दोनों ने विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। क्राइम व एफएसएल की टीम ने तमाम सबूत जुटाने के अलावा विधानसभा परिसर व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को कब्जे में ले लिया गया।
विधानसभा को दो बार बम से उड़ाने की मिली थी धमकी
दिल्ली विधानसभा को पहले दो बार बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन धमकियों से सोमवार हुई वारदाता से कोई संबंध तो नहीं है। मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 23 फरवरी को दिल्ली के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के अलावा विधानसभा को भी उड़ाने की धमकी मिली थी। हालांकि बाद में इस कॉल को हॉक्स करार दे दिया गया था। 24 और 25 मार्च को दो बार और विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली थीं।
घटनाक्रम की टाइम लाइन
दोपहर 2.05 बजे: विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता परिसर में दूसरे गेट से अंदर दाखिल हुए।
दोपहर 2.10 बजे: आरोपी गेट नंबर-2 से टाटा सिएरा कार लेकर गेट तोड़ता हुआ अंदर दाखिल हो गया।
दोपहर 2.11 बजे: अज्ञात कार के अंदर दाखिल होने की पीसीआर कॉल की गई।
दोपहर 2.11 बजे: आरोपी अंदर पहुंचा और पोर्च के पास कार रोककर गुलदस्ता और मालाएं वहां रखीं।
दोपहर 2.13 बजे: आरोपी अपनी कार लेकर मौके से विधानसभा परिसर से फरार हो गया।
दोपहर 2.15 बजे: विधानसभा को सुरक्षा बलों ने घेर लिया।
दोपहर 2.30 बजे: पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा बाकी पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे।
शाम 4.15 बजे: आरोपी टाटा सिएरा कार सवार को रूप नगर इलाके से दो अन्यों के साथ दबोच लिया गया।
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