एथनॉल मिश्रित पेट्रोल से माइलेज और तकनीकी समस्याएं, विशेषज्ञ चिंतित
नई दिल्ली। भारत में वाहनों के लिए 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई20) के उपयोग को लेकर माइलेज और तकनीकी समस्याओं पर बहस तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर कई वाहन मालिकों ने शिकायत की है कि इस ईंधन के कारण उनके वाहनों की माइलेज में करीब 7 फीसदी तक की गिरावट आई है। साथ ही, कुछ लोगों ने इंजन के रबड़ और धातु के कलपुर्जों के जल्दी खराब होने की आशंका भी जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि एथनॉल की हाइग्रोस्कोपिक प्रकृति यानी नमी को सोखने की क्षमता इसका प्रमुख कारण है। ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने बताया कि अगर पेट्रोल पंप के भूमिगत टैंक में पानी चला जाए, तो एथनॉल उससे घुलकर ईंधन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। इससे वाहन की परफॉर्मेंस पर असर पड़ सकता है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इन चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि ई20 का उद्देश्य प्रदूषण कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और आयात पर निर्भरता घटाना है। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने भी माना कि ई20 से माइलेज में थोड़ा अंतर हो सकता है, लेकिन इसे स्वच्छ और स्वदेशी ऊर्जा के लिए जरूरी कदम बताया।
बीसीसीआई ने आईपीएल शेड्यूल घोषित किया, लीग मुकाबले 24 मई तक, प्लेऑफ की भी मिली जानकारी
दिल्ली लौट गई एयर इंडिया की लंदन फ्लाइट, तकनीकी खराबी बनी कारण
आंध्र प्रदेश में दर्दनाक बस हादसा: सीएम का शोक संदेश, PMO ने राहत राशि का ऐलान
होर्मुज में तनाव, लेकिन भारत में पेट्रोल, डीजल और LPG की आपूर्ति सुरक्षित
TMC का ऐलान- जिनके नाम हटेंगे, उन्हें नहीं छोड़ेंगे अकेला
इंदौर अग्निकांड में नया मोड़: चार्जिंग पर लगी कार के बारे में परिवार ने किया खुलासा
ईंधन की स्थिति पर मंथन, PM मोदी ने बुलाई राज्यों की मीटिंग
पान मसाला प्रमोशन केस में कोर्ट सख्त, पुलिस को कार्रवाई के निर्देश