भारतियों की ऑस्कर पर जीत, ‘द गोल्डन बॉय’ ट्रॉफी अपने नाम करने वाले कलाकार
फिल्म जगत के सबसे प्रमुख ऑस्कर अवॉर्ड के 98वें संस्करण का आयोजन 15 मार्च को होगा। लॉस एंजिल्स के डॉल्बी थिएटर में आयोजित होने वाले इस अवॉर्ड समारोह में भारतीय अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा भी प्रेजेंटर के तौर पर शामिल होंगी। यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। भारत में इस अवॉर्ड्स समारोह को 16 मार्च की सुबह लगभग 4:30 बजे से देखा जा सकेगा। जानते हैं कि ऑस्कर में अब तक कैसा रहा है भारत का इतिहास और किन भारतीय कलाकारों ने जीता है अब तक ये अवॉर्ड?
भारत की किसी फिल्म को नहीं मिला ऑस्कर
ऑस्कर अवॉर्ड को अकादमी अवॉर्ड भी कहते हैं। इन्हें साल 1927 में शुरू किया गया था, लेकिन पहला अवॉर्ड 1929 में आयोजित हुआ था। 98 साल के इतिहास में भारत की तरफ से 50 से ज्यादा फिल्में ऑस्कर अवॉर्ड के लिए भेजी गईं, लेकिन एक भी भारतीय फिल्म को ये अवॉर्ड नहीं मिल सका।साल 1957 में पहली बार भारत से महबूब खान की फिल्म ‘मदर इंडिया’ को ऑस्कर भेजा गया था। लेकिन फिल्म सिर्फ एक वोट से हॉलीवुड फिल्म ‘नाइट्स ऑफ कैबिरिया’ से पीछे रह गई और अवॉर्ड जीतने से चूक गई।इसके बाद 1989 में ‘सलाम बॉम्बे’, 2003 में ‘लगान’ और 2004 में मराठी फिल्म ‘श्वास’ को फाइनल नॉमिनेशन मिला, लेकिन तीनों ही फिल्में अवॉर्ड नहीं जीत सकीं।
सिर्फ 9 भारतीयों को मिला ऑस्कर
भारत की तरफ से 13 कलाकार ऐसे रहे हैं, जिन्हें अब तक ऑस्कर में नॉमिनेशन मिला। इनमें से सिर्फ नौ भारतीय कलाकार ऐसे हैं, जिन्हें ऑस्कर अवॉर्ड्स मिला है। इनमें भानू अथैया से लेकर, सत्यजीत रे, एआर रहमान, गुलजार, रेसुल पूकुट्टी, एमएम कीरवानी, चंद्रबोस, गुनीत मोंगा और कार्तिकी गोंजाल्विस के नाम शामिल हैं।
प्रियंका चोपड़ा बनेंगी प्रेजेंटर
भारतीय फैंस के लिए इस बार का ऑस्कर और भी खास है। इस बार ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा इस समारोह में प्रेजेंटर के तौर पर नजर आएंगी। वह मंच पर विजेताओं को अवॉर्ड देती दिखाई देंगी। उनके साथ रॉबर्ट डाउनी जूनियर और ऐन हैथवे जैसे बड़े हॉलीवुड सितारे भी मंच पर नजर आएंगे, जिससे इस साल का शो और भी ग्लैमरस होने की उम्मीद है।
वन विभाग पर गंभीर आरोप, हिरणों की मौत के बाद किया टोटका
मधु मंटेना के घर गूंजी किलकारी, सोशल मीडिया पर बधाइयों का तांता
IPL में चेन्नई की रणनीति पर सवाल, धोनी के क्रम से लेकर टीम कॉम्बिनेशन तक चर्चा
सरेंडर नक्सलियों ने भी थामा कलम, बस्तर में दिखा बदलाव
मध्य प्रदेश के इन शहरों में शुरू हुई PNG सुविधा, ऐसे करें आवेदन
‘कांच के घर…’ कहकर गोविंद सिंह ने दिया करारा जवाब
टेंडर में देरी या रणनीति? बार-बार विस्तार से बढ़ा शक
गोल्डमैन सैक्स ने बढ़ाया अनुमान, क्रूड कीमतों में 10% तक उछाल संभव
विदिशा हादसा: दबंगों ने तहसील से लगे मकान पर तोड़फोड़ की, कैमरा सबूत भी ले गए