इबोला ने कांगो में मचाई तबाही, 7 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित
किंशासा। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला वायरस का प्रकोप बेहद भयावह रूप अख्तियार कर चुका है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में संक्रमित मरीजों की संख्या 7,022 तक पहुंच गई है, जबकि इस खतरनाक वायरस से अब तक 3,398 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। यह प्रकोप 'बुंडीबुग्यो' (Bundibugyo) स्ट्रेन के कारण फैला है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
देश के इतिहास का सबसे घातक प्रकोप
मौजूदा इबोला संक्रमण कांगो के इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे जानलेवा प्रकोप बन गया है। इसने साल 2018-2020 के दौरान फैले पिछले इबोला संकट के आंकड़ों को भी पीछे छोड़ दिया है। वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो यह 2014-2016 के पश्चिम अफ्रीकी इबोला संकट के बाद दूसरा सबसे बड़ा प्रकोप है। उस दौरान 28 हजार से अधिक लोग संक्रमित हुए थे और 11 हजार से ज्यादा मौतें दर्ज की गई थीं।
मई 2026 से अब तक 7 प्रांतों में फैला संक्रमण
आधिकारिक रूप से इस प्रकोप की घोषणा मई 2026 में इटुरी प्रांत में की गई थी, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इसका प्रसार जनवरी से ही शुरू हो गया था। वर्तमान में यह वायरस कांगो के 7 विभिन्न प्रांतों में पांव पसार चुका है।
उत्तर-पश्चिमी सीमा की ओर बढ़ा वायरस का खतरा
सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इबोला वायरस अब मुख्य केंद्र से काफी दूर स्थित दक्षिण उबांगी (South Ubangi) प्रांत तक पहुंच गया है। देश के उत्तर-पश्चिम में स्थित यह प्रांत कांगो गणराज्य और मध्य अफ्रीकी गणराज्य की सीमाओं से सटा हुआ है, जिससे पड़ोसी देशों में भी संक्रमण फैलने का खतरा काफी बढ़ गया है।
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