वकालत के साथ पत्रकारिता नहीं कर सकते वकील: बार काउंसिल ऑफ इंडिया
नई दिल्ली। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि अधिवक्ता पूर्णकालिक या अंशकालिक आधार पर वकालत के साथ पत्रकारिता का कार्य नहीं कर सकते। न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने बीसीआई के रुख को स्वीकार किया है। बीसीआई ने अपनी नियमावली के नियम 49 का हवाला देते हुए कहा कि वकीलों को अन्य व्यवसाय या नौकरी करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
इस मामले में याचिकाकर्ता ने हलफनामा दाखिल कर कहा कि वह अब पत्रकार के रूप में काम नहीं करेंगे और केवल अधिवक्ता के रूप में अपने कार्य करेंगे। यह मामला वकील और पत्रकार मोहम्मद कामरान द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है।
पीठ ने बीसीआई के इस निर्णय को मान्यता देते हुए कहा कि वकील के पेशे में पूर्णकालिक प्रतिबद्धता होनी चाहिए और पत्रकारिता जैसे अन्य कार्यों में संलग्न होना नियमों का उल्लंघन है। बीसीआई का यह रुख साफ करता है कि वकालत के पेशे की गरिमा और उसकी प्राथमिकता बनाए रखने के लिए अधिवक्ताओं को अन्य पेशों से अलग रहना होगा।
राशिफल 14 सितम्बर 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले को दी 183 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
रायगढ़ के रामलीला मैदान में 14 से 23 सितंबर तक सजेगा चक्रधर समारोह का भव्य मंच
कठिनाईयों और संघर्ष के बावजूद अपनी पहचान और गौरव को बनायें रखने वाले सिंधी समाज पर सभी को गर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय पर्यटन मंच पर छत्तीसगढ़ की गूंज, देश-दुनिया के सामने खुली पर्यटन संभावनाओं की नई राह
सेवा संकल्प अभियान 2026: हुनर को मिल रही नई उड़ान’
पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं से कवर करें, शत-प्रतिशत टीकाकरण एवं गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन एवं एएनसी जांच सुनिश्चित हो: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
"हम सब बराबर, बराबर हमारे अधिकार" के ध्येय वाक्य को चरितार्थ कर रहा है मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
लगातार दो वर्ष देश में सर्वाधिक रिकवरी दर, यह किसानों की मेहनत का परिणाम है - उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई को मिशन के रूप में लेकर कार्य करें-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा