‘छात्रों की गूंज’ पर सियासत तेज, इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम की जगह बदलने की तैयारी?
इंदौर | लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी देश भर के युवाओं और विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने के लिए 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं। राजस्थान के कोटा से शुरू हुए इस विशेष कार्यक्रम की शृंखला अब देहरादून, प्रयागराज और पुणे के पड़ावों को पार करते हुए आगामी 12 सितंबर को मध्य प्रदेश के व्यावसायिक केंद्र इंदौर में आयोजित होने जा रही है। मध्य प्रदेश की राजनीति में युवा मतदाताओं की भारी-भरकम हिस्सेदारी को देखते हुए कांग्रेस पार्टी इस आयोजन को लेकर बेहद उत्साहित नजर आ रही है और उसे युवाओं से खासी उम्मीदें हैं।
प्रशासन से अनुमति का इंतजार और स्थल को लेकर मंथन
देश भर में लगातार चल रही भर्ती प्रक्रियाओं और परीक्षाओं को लेकर युवाओं में उपजे आक्रोश के बीच कांग्रेस इस मंच के माध्यम से छात्रों की आवाज उठाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, कार्यक्रम की तिथि तय होने के बावजूद अभी तक इसका सटीक समय और स्थान पूरी तरह से अंतिम रूप नहीं ले पाया है।
-
राष्ट्रीय ध्वज के तले आयोजन: इंदौर में प्रस्तावित यह कार्यक्रम कांग्रेस के पारंपरिक दलगत झंडे के बजाय पूरी तरह से राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) के तले आयोजित किया जाएगा।
-
वेन्यू पर संशय: प्रारंभिक योजना के मुताबिक यह आयोजन नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से अब तक हरी झंडी न मिलने के कारण असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यदि स्टेडियम के लिए अनुमति नहीं मिलती है, तो कांग्रेस प्रबंधन विकल्प के रूप में किसी अन्य बड़े स्थान की तलाश कर सकता है। पार्टी का प्रयास है कि इंदौर में कम से कम 50 हजार छात्रों की क्षमता वाले किसी बड़े स्थल पर यह आयोजन किया जाए।
विभिन्न जिलों से छात्रों को जोड़ने की तैयारी
इस संवाद कार्यक्रम में इंदौर के अलावा भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर सहित मध्य प्रदेश के तमाम प्रमुख जिलों, संभागों और संभाग मुख्यालयों से युवाओं व छात्र-छात्राओं को जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी इस आयोजन को लेकर पूरी तरह गंभीर है और इसे शहर, कस्बों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों (कॉलेजों) से लेकर कोचिंग संस्थानों तक के विद्यार्थियों तक पहुँचाने की रणनीति पर काम कर रही है।
मध्य प्रदेश की राजनीति में युवा वोटर्स का सियासी समीकरण
मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों का मुख्य फोकस युवा वर्ग को साधने पर है। वर्तमान राजनीतिक आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में कुल मतदाताओं में युवाओं की हिस्सेदारी लगभग 26 प्रतिशत के आसपास है।
-
राज्य में 18 से 19 वर्ष की आयु के कुल मतदाताओं की संख्या 11,81,747 है।
-
वहीं, 20 से 29 वर्ष की आयु के मतदाताओं की संख्या 1,29,52,421 है।
-
इस प्रकार, 18 से 29 वर्ष के कुल युवा मतदाताओं का आंकड़ा 1,41,34,168 तक पहुँच जाता है।
यही एक सबसे बड़ी वजह है कि दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल इस विशाल युवा मतदाता वर्ग को अपने पक्ष में करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं।
राशिफल 14 सितम्बर 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले को दी 183 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
रायगढ़ के रामलीला मैदान में 14 से 23 सितंबर तक सजेगा चक्रधर समारोह का भव्य मंच
कठिनाईयों और संघर्ष के बावजूद अपनी पहचान और गौरव को बनायें रखने वाले सिंधी समाज पर सभी को गर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय पर्यटन मंच पर छत्तीसगढ़ की गूंज, देश-दुनिया के सामने खुली पर्यटन संभावनाओं की नई राह
सेवा संकल्प अभियान 2026: हुनर को मिल रही नई उड़ान’
पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं से कवर करें, शत-प्रतिशत टीकाकरण एवं गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन एवं एएनसी जांच सुनिश्चित हो: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
"हम सब बराबर, बराबर हमारे अधिकार" के ध्येय वाक्य को चरितार्थ कर रहा है मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
लगातार दो वर्ष देश में सर्वाधिक रिकवरी दर, यह किसानों की मेहनत का परिणाम है - उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई को मिशन के रूप में लेकर कार्य करें-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा