एमपी में 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल का बड़ा तालाब भरने की कगार पर
भोपाल | मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक औसत का लगभग 74 प्रतिशत यानी 27.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। अकेले अगस्त माह में करीब 12 इंच पानी बरसा है। यदि सितंबर के महीने में 9.6 इंच बारिश और हो जाती है, तो प्रदेश में कुल 37.3 इंच सामान्य वर्षा का आंकड़ा पूरा हो जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक राज्य के कई संभागों में भारी से अति भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। लगातार हो रही बारिश से राजधानी भोपाल के प्रसिद्ध बड़े तालाब का जलस्तर बढ़कर 1666.50 फीट तक पहुँच गया है, जो अब इसके पूर्ण जल स्तर (फुल टैंक लेवल) से मात्र 0.30 फीट ही नीचे है।
4 सितंबर तक कई संभागों में झमाझम बारिश का दौर
मौसम केंद्र भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) और सक्रिय ट्रफ के प्रभाव से आगामी 4 सितंबर तक जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन तथा ग्वालियर-चंबल संभागों में तेज मानसूनी बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा।
उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार को उमरिया और बालाघाट जिलों में अति भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इसके अलावा पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, सिवनी और छिंदवाड़ा जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। भोपाल और उसके आसपास के इलाकों में भी तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।
पूर्व से पश्चिम की ओर आगे बढ़ेगा मानसूनी सिस्टम
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 1 और 2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का जोर सबसे अधिक रहेगा। इसके बाद 3 सितंबर को भोपाल और ग्वालियर संभाग में भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं, 4 सितंबर को यह वेदर सिस्टम उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग की तरफ पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।
बढ़ा जलाशयों का जलस्तर, बड़े तालाब पर विशेष नजर
झमाझम बारिश के चलते प्रदेश के अधिकांश बांधों और जलाशयों में पानी का स्तर 70 प्रतिशत तक पहुँच चुका है, और कई बांधों के गेट भी एहतियात के तौर पर खोले जा चुके हैं। भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट पर पहुँचने के बाद अब यह फुल टैंक लेवल से सिर्फ 0.30 फीट दूर है। तालाब के पूरी तरह भर जाने पर भदभदा डैम के गेट खोले जाने की संभावना है, जिससे छोड़ा गया पानी कलियासोत डैम में पहुँचेगा और उसका जलस्तर भी बढ़ेगा।
बारिश के आंकड़े: 16 जिलों में औसत से अधिक वर्षा
पूरे प्रदेश में अब तक 702.9 मिलीमीटर यानी 27.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि इस अवधि तक सामान्य बारिश 30.8 इंच होनी चाहिए थी—यानी अभी भी कुल औसत से करीब 3.1 इंच बारिश कम है। वर्तमान स्थिति यह है कि राज्य के पूर्वी हिस्से में लगभग 5 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 15 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है।
हालाँकि, राहत की बात यह है कि प्रदेश के 39 जिलों में भले ही सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई हो, लेकिन अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी सहित कुल 16 जिलों में औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
राशिफल 14 सितम्बर 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले को दी 183 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
रायगढ़ के रामलीला मैदान में 14 से 23 सितंबर तक सजेगा चक्रधर समारोह का भव्य मंच
कठिनाईयों और संघर्ष के बावजूद अपनी पहचान और गौरव को बनायें रखने वाले सिंधी समाज पर सभी को गर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय पर्यटन मंच पर छत्तीसगढ़ की गूंज, देश-दुनिया के सामने खुली पर्यटन संभावनाओं की नई राह
सेवा संकल्प अभियान 2026: हुनर को मिल रही नई उड़ान’
पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं से कवर करें, शत-प्रतिशत टीकाकरण एवं गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन एवं एएनसी जांच सुनिश्चित हो: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
"हम सब बराबर, बराबर हमारे अधिकार" के ध्येय वाक्य को चरितार्थ कर रहा है मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
लगातार दो वर्ष देश में सर्वाधिक रिकवरी दर, यह किसानों की मेहनत का परिणाम है - उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई को मिशन के रूप में लेकर कार्य करें-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा